यथा गुणस्तथा दुर्गुणः।
यथा दिनं तथा रात्रिः।
यथा सुखं तथा दुःखम्।
यथा मित्रं तथा शत्रुः॥
संसारे सर्वस्य विकल्पोऽस्ति,
किन्तु प्रेम्णः संस्कृतस्य च।
नास्ति कश्चिदपि विकल्पः,
सत्यम् एतत्, न संशयः॥
हिन्दी भावार्थ
जैसे गुण है, वैसे ही दुर्गुण भी है।
जैसे दिन है, वैसे ही रात्रि भी है।
जैसे सुख है, वैसे ही दुःख भी है।
जैसे मित्र है, वैसे ही शत्रु भी है।
संसार में प्रत्येक वस्तु का विकल्प है,
किन्तु प्रेम और संस्कृत का
कोई विकल्प नहीं है—
यह सत्य है, इसमें कोई संशय नहीं।
English Translation
As virtue exists, so does vice;
as there is day, so there is night.
As happiness exists, so does sorrow;
as there is a friend, so there is a foe.
In this world, everything has an alternative,
but love and Sanskrit have none.
This is the truth—
of that, there can be no doubt.
संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
Heartfelt greetings on Sanskrit Day.
